Archaeology

चौसठ योगिनी टेम्पल (मंदिर) – इकंतेश्वर महादेव मंदिर

चौसठ योगिनी मंदिर भारत के मध्य प्रदेश के खजुराहो शहर में एक अत्यंत प्राचीनतम धरोहर के रूप में बचा हुआ एक मंदिर है, जो एक वृत्तीय घेरे के बीच में उपस्थित शिवलिंग तथा चौसठ योगिनियों से घिरा हुआ एक पहाड़ी की चोटी पर स्थित है। 9वीं शताब्दी के उत्तरार्ध में, यह खजुराहो में सबसे पुराना जीवित मंदिर है। इसी मंदिर को देख कर भारत की संसद का प्रारूप तैयार किया गया था।

chausath yogini temple
Chausath yogini temple

भारत में स्थित चौसठ योगिनी टेम्पल

चौंसठ योगिनी टैंपल भारत में कुल चार है, जिसमें दो योगिनी टैंपल उड़ीसा में है और दो टैंपल मध्यप्रदेश में हैं, मुरैना में स्थित यह चौसठ योगिनी टैंपल इतना प्राचीन होने के बावजूद आज भी बहुत अच्छी दशा में है इसलिए इस टैंपल का महत्व बाकी योगिनी टैंपल की तुलना में थोड़ा ज्यादा है।

चौसठ योगिनी टेम्पल का इतिहास

लोकल रेजिडेंट्स के अनुसार इस टेंपल की स्थापना की हिस्टारिकल स्टोरी बहुत ही पुरानी है वहीं दूसरे हिस्टोरियंस यह मानते हैं कि टैंपल का निर्माण कच्छप घाट के राजा देवपाल द्वारा किया गया था। इसे ‘इकंतेश्वर महादेव मंदिर’ के नाम से भी जाना जाता है। Archaeological Survey Of India ने 28 November 1951 में Act 71 के तहत टैंपल को एक प्राचीन और ऐतिहासिक स्मारक घोषित किया है।

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चौसठ योगिनी टेम्पल की बनावट

भारत में योगिनी टैंपलस में यह अपनी तरह का इकलौता टैंपल है लगभग सौ फीट ऊंचाई पर एक सुनसान पहाड़ी के ऊपर बनवाए गए इस circular टैंपल से नीचे के खेतों का शानदार नजारा दिखता है। पहाड़ी के शिखर पर होने के कारण यहां से काफ़ी बड़े भू-भाग व बहती नर्मदा नदी को देखा जा सकता है।

लगभग 200 सीढ़ियां चढ़ने के बाद इस खूबसूरत टैंपल में पहुंचा जा सकता है, यह भारत के उन चार, चौसठ योगिनी टैंपलों में से एक है जो अभी भी अच्छी स्थिति में बचे हैं। इसे ‘इकंतेश्वर महादेव टैंपल’ के नाम से भी जाना जाता है। प्रसिद्ध संगमरमर चट्टान के पास स्थित इस टैंपल में देवी दुर्गा की 64 अनुषंगिकों की प्रतिमा है। इस टैंपल की विषेशता इसके बीच में स्थापित भगवान शिव का विशाल शिवलिंग है, जो कि देवियों की प्रतिमा से घिरा हुआ है।

भारत की संसद से सम्बन्ध

कहते हैं कि शिल्पकार एडविन लुटियंस ने इसी टैंपल को आधार बनाकर भारत के संसद भवन की रूपरेखा तैयार की थी लेकिन कुछ शिल्पकार इस बात से सहमत नहीं हैं, अब ये बात कितनी सच है ये आप इस टैंपल की खूबसूरती व आर्टिक्चर से पता लगा सकते हैं।

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