Yogasan

Marjariasana | मार्जरासन की विधि, लाभ एवं अंतर्विरोध

मार्जरी आसान (Marjariasana)

मार्जरासन क्या है?

मार्जरासन करने की विधि | How to do Marjaryasana

  • अपने घुटनों और हाथों के बल आये और शरीर को एक मेज़ कई तरह बना लें अपनी पीठ से मेज़ का  ऊपरी हिस्सा बनाएं और हाथ ओर पैर से मेज़ के चारों पैर बनाएं।
  • अपने हाथ कन्धों के ठीक नीचे, हथेलियां ज़मीन से चिपकी हुई रखें और घुटनो मेँ पुट्ठों जितना अंतर रखें।
  • गर्दन सीधी नज़रें सामने रखें।
  • सास लेते हुए अपनी ठोड़ी को ऊपर कि ओर सर को पीछे की ऒर ले जाएँ, अपनी नाभि को जमीन की ऒर दबाएं और अपनी कमर के निचे के हिस्से को छत की ओर ले जाएँ. दोनों पुटठों को सिकोड़ लें।  क्या आप थोड़ा खिंचाव महसूस कर रहें हैं?
  • इस स्थिति को बनाएँ रखें ओर लंबी गहरी साँसें लेते और छोड़ते रहें।
  • अब इसकी विपरीत स्थिति करेंगे – साँस छोड़ते हुए ठोड़ी को छाती से लगाएं ओर पीठ को धनुष आकार मेँ जितना उपर होसके उतना उठाएं, पुट्ठों को ढीला छोड़दें।
  • इस स्थिति को कुछ समय तक बनाएँ रखें और फिर पहले कि तरह मेज़नुमा स्तिथि मेँ आ जाएँ।
  • इस प्रक्रिया को पाँच से छे बार दोहराएं और विश्राम करें।
  • श्री श्री योग विशेषज्ञ कि सलाह – जब यह प्रक्रिया हम धीरे और लय के साथ करते है तो इसका अधिक लाभ मिलता है और यह हमे ध्यान कि अवस्था तक ले जाता है।

 

मार्जरासन के फायदे | Benefits of Marjaryasana

  • रिड के हड्डी को लचीला बनाता है।
  • कंधों और कलाई कि क्षमता बढ़ाता है।
  • पाचन प्रक्रिया की ग्रंथियों की मालिश करता है।
  • पाचन प्रक्रिया सुधारता है।
  • पेट को सुडौल बनता है।
  • रक्त प्रवाह बढ़ाता है।
  • मन को शांत करता है।

मार्जरासन करने कि सावधानिया | Contraindication of the Marjaryasana

अगर आपके पीठ और गरदन मेँ दर्द है तो विशेषज्ञ की सलाह लें।  यह आसन आर्ट ऑफ लिविंग के प्रशिक्षक के  सानिध्य मेँ करें।

सभी योगासनों की विधि जानने के लिए यहाँ क्लिक करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *